Sunday, April 12, 2020
विदेशी मुद्रा भंडार
इसे फॉरेक्स रिजर्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है, भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारो को आरक्षित परिसंपत्तियों कहा जाता है तथा यह पूंजी खाते में रखे जाते हैं यह किसी देश की अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति को एक महत्वपूर्ण भाग होता है जितनी अधिक विदेशी मुद्रा भंडार होगा उस देश की निवेश स्थिति को उतनी अव्वल दर्जे पर आंका जाता है ।इसमें केवल विदेशी रुपए ,विदेशी बैंक की जमाओ ,विदेशी ट्रेजरी बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिए परंतु इसमें विशेष आहरण अधिकारो, सोने के भंडारों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार वस्तुओं को शामिल किया जाता है इसे आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय देना उचित है। वर्तमान में कोविड-19 जैसी महामारी के कारण भारत की विदेशी मुद्रा भंडार पर भी प्रभाव पड़ा है यह दिन पर दिन विदेशी मुद्रा भंडार कमी होती जा रही है जिससे यह प्रदर्शित कर रहा है विदेशी जो भारत में अपना पैसा निवेश किए थे ,उसको अपने देश में पुनः वापस ले जा रहे हैं ।
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